बुंदेलखंड का यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से सशक्त सबल एवं गौरव गरिमा का स्त्रोत रहा है वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के गौरव गान से सुसज्जित यह क्षेत्र वीर प्रसूता धरती के नाम से देदीप्यमान है किसी भी समाज के परिवार की तथा क्षेत्र की शक्ति महिलाओं के कंधे से कंधे मिलाकर पुरुष का सहयोग करने से संचित होती है
वर्तमान में यह शक्ति, शिक्षा से अभीप्रेरित होती है गुरसरांय
का क्षेत्र दशकों से कन्याओं की उच्च शिक्षा क्षेत्र में पिछड़ा था यहां
के निवासी चाहकर भी आर्थिक विसमता एवं दूरी से स्थित शिक्षा
केंद्रों के कारण अपनी बेटी को उच्च शिक्षा नहीं दिला पाते थे इससे
परिवार की महत्वपूर्ण धुरी उच्च शिक्षा से वंचित रहती थी इस
डॉ. पूजा दुलारी, श्री नीलेश यादव
वेवशी को दृष्टिगत मेरे पति श्री दीप नारायण सिंह ने संपूर्ण
डॉ. अरविंद कुमार
संसाधन लगाकर यह शिक्षा का केंद्र स्थापित किया मेरी कामना है
कि इस शिक्षा रूपी मंदिर से शिक्षा प्राप्त कर बिटियां न केवल
कला संकाय प्राध्यापक
परिवार का मान बढ़ाएं, बल्कि प्रशासन एवं राजनीति क्षेत्रों में आगे
बढ़कर क्षेत्र को गौरवान्वित करने की अपनी भूमिका अदा करें।
"Hard Work And Dedication Will Lead To Achieve Your Goal.
Follow Your Dreams."