झाँसी जनपद का गुरसरांय क्षेत्र समाज सेवा, राम बुद्धिजीविका, ऐतिहासिकता एवं समृद्धि की संजीवनी रहा है। परन्तु उच्च शिक्षा के साधनों की कमी से क्षेत्र की यह बुद्धिजीविका विस्तारित नहीं हो पा रही थी। जबकि यहां के निवासियों में जज्बा है देश के हर क्षेत्र में नाम रोशन करने का, क्षेत्र को गौरवान्वित कराने का, मैने विधान सभा चुनाव के पूर्व म्मान यही जज्बा एवं अनिवार्यता को महसूस करते हुये क्षेत्र में महाविद्यालय रूपी मंदिर के निर्माण की घोषणा की थी।मैने ईश्वर की कृपा से 1051 सर्वसमाजीय गरीब कन्याओं का विवाह कर अपनी बहिन बनाया है। मेरा मानना है कि कृषि मूलक व्यवस्था में किसान और गरीब यदि अपने को वेवश पाता है, तो अपनी पुत्री को लेकर, शिक्षा से लेकर विवाह की चिंता उनके जीवन को निसार बना देता है। मैं सोचता हूँ यदि मैं अपने किसान और गरीब परिवारों की चिन्ता ईश्वर की कृपा एवं सामर्थ्य से कम कर सकूं तो मै अपने को धन्य समझेंगा। इसी धारणा से प्रेरित होकर मैनें महिला महाविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया।
मेरी वे बहिनें जिन्होंने उच्च शिक्षा के उत्कृष्ट केन्द्र को, सुसज्जित प्रयोगशालों को, बृहद पुस्तकालय को, पर्यावरणीय वातावरण को, विशाल खेल के मैदान को, योग्य प्रवक्ताओं के मार्गदर्शन को, कम्प्यूटर एवं संगीत शिक्षा को कल्पना में देखा है आज वे इस पुण्य धरती में नया कीर्तिमान स्थापित कर क्षेत्र को गौरवान्वित करेंगी।मेरा विश्वास है कि मेरी छात्रायें, बहिने, अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं प्रबंध समिति के सम्माननीय सदस्य मिलकर इस केन्द्र को उत्कृष्ट शिक्षा के केन्द्र के रूप में बनाने के मेरे दृढ़निश्चय को विश्वास एवं सहारा प्रदान करेंगे।
"Hard Work And Dedication Will Lead To Achieve Your Goal.
Follow Your Dreams."